माथे पर तिलक और उस पर चावल क्यों लगाते हैं लोग ? बड़ा ही मार्मिक रहस्य है
मस्तिष्क पर रोरी (कुमकुम) का तिलक और चावल लगाने का क्या है रहस्य ? आइए जानें संजय दीक्षित ब्रज की देहरी हाथरस। सनातन के सत्य की ओर बढ़ें के तो धर्म के साथ-साथ विज्ञान के भी दर्शन होंगे। क्योंकि पं.राहुल मिश्र सनातन ही एक मात्र धर्म है। जिसमें विश्व के कल्याण की भावना है और प्राणियों में सद्भावना की कामना है। सनातन में पहले धर्म है। मतलब पालन करना ही है, लेकिन पिछे देखा जाए तो उसका एक बड़ा वैज्ञानिक कारण भी होता है। सनातन धर्म से ही हिन्दू सोच यानी संप्रदाय का प्राकट्य होता है। जिसमें एक प्रमुख प्रथा है पूजन के वक्त मस्तिष्क पर तिलक लगाने की। क्यों आखिर माथे पर तिलक क्यों लगाया जाता है ? इसका सीधा सा उत्तर है कि हमारे धर्म की एक प्रथा है, लेकिन जब इसका विज्ञान से जोड़ कर देखें तो बड़ा ही मार्मिक तथ्य निकल कर सामने आता है। आइए जानते हैं आगे की बात। सनातन (हिन्दू) धर्म में एक नहीं अनेकों प्रथाए जुड़ी हैं और उनका सीधा कांटेक्ट किसी न किसी मानवीय संवेदनाओं से जोड़कर कल्याण का भाव रखा गया है। जिसमें से एक प्रथा माथे पर तिलक लगाए जाने की भी है। हिन्दू धर्म की अनेक परंपराओं में...