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Showing posts from December, 2020

यह एकादशी पापों को नष्ट कर पूर्वजों को भी दिलाती है मोक्ष

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पूर्वजों की मोक्ष प्रदायनी है मोक्षदा एकादशी -गीता जयंती पर विशेष ब्रज की द्वार देहरी हाथरस । आज एक विशेष दिन है। क्योंकि आजके दिन ही भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। इसलिए गीता जयंती मनाई जाती है और आज ही मोक्षदा एकादशी का पर्व है। कहते हैं आज की एकादशी पूर्वजों के लिए मोक्षदायनी है। आइए जानते हैं इससे संबंधित कथा।          एक बार की बात है कि महाराज युधिष्ठिर ने भगवनश्रीकृष्ण से प्रश्न किया कि आप तीनों लोकों के स्वामी हैं और सभी को सुख देने वाले जगत के पति हैं। मेरा नमस्कार स्वीकार कीजिये। हे देव! आप सबके हितैषी हैं। मेरे ह्रदय में एक प्रश्न है अत: उसका निवारण करिये। मुझे बताइए कि मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी का क्या नाम है ? उस दिन कौन से देवता का पूजन किया जाता है और उसकी क्या विधि है ?         भक्तों के रक्षक भगवान श्रीकृष्ण कहा, कि धर्मराज, तुमने बड़ा ही उत्तम प्रश्न किया है। इसके सुनने से तुम्हारा यश संसार में और अधिक बड़ेगा। मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी अनेक पापों को नष्ट करने वाली है। इसका नाम मोक्षदा एकादशी है। इस दिन दाम...

ब्रिज मंडल का भ्रमण कर लगाई राधे रानी की दरबार में दस्तक

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*प्रभात फेरी के बाद ब्रज मंडल का किया ब्रज द्वार के भक्तों ने भ्रमण* *-लाड़लीलाल, मानबिहारी, दानबिहारी व चित्र सखी के किये दर्शन* *-मनोरथ के साथ किया यमुना पूजन*  लाडली लाल दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़ *हाथरस।* प्रभात फेरी के साथ आरंभ हुई 109 वीं ब्रज बरसाना यात्रा  के दौरान बृज की द्वार देहरी के भक्तों ने बलदेव दर्शन, मथुरा के ब्रह्मांड घाट पर चुनरी मनोरथ (यमुना पूजन), रासबिहारी, मानबिहारी, दानबिहारी, कुशलबिहारी आदि के दर्शनों के साथ विश्व प्रसिद्ध लाड़लीलाल मंदिर में पहुंचकर दर्शन के व प्रसादी के बाद देर रात यात्रा ब्रजद्वार हाथरस के घंटाघर पहुंचकर यात्रा संपन्न हुई।         109 वी यात्रा के साथ ही ब्रज  बरसाना यात्रा मंडल की बरसाना यात्रा अपने दसवें वर्ष में प्रवेश कर गयी।  यात्रा का शुभारंभ गणेश पूजन के साथ निकली प्रभात फेरी से हुआ। सभी भक्त घंटाघर स्थित गांधी चौक पर एकत्र हुए और दो बसों में सवार हो ब्रजराज बलदेव (दाऊजी) के लिए प्रस्थान कर गए। जहां दाऊजी व मां रेवती के दर्शन कर भोग प्रसादी लगाई और श्रृंगार किया। इसके बाद ब्रज ...

21 दिसंबर 2020 को कमजोर होगा कोरोना और 5 अप्रैल को होगी कोरोना की बिदाई

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21 दिसंबर 2020 को कमजोर होगा कोरोना और 5 अप्रैल को होगी कोरोना की बिदाई गुरू और शनि के मिलन में लोक हित की गवाही देगा 21 दिसंबर 21 दिसंबर होगा वर्ष का सबसे छोटा दिन गुुरू बृहस्पपति और शनिदेव का मिलन होगा लोक हित में लाभदायक  -------------------------------------------- ब्रज की द्वार देहरी रस की नगरी हाथरस। 21 दिसंबर  का दिन  खगोलिय घटनाओं और लोकहितकारी शुभ सूचना के लिये वेहद खास होने वाला है। इस दिन देवगुरु बृहस्पति और शनि का मिलन शनि की मकर राशि में होने जारहा है। वहीं 21  दिसंबर वर्ष 2020  का सवसे  छोटा दिन भी होगा। साथ ही ग्रहयोगों के कारण कोरोना पीड़ितों की सर्वाधिक शीर्ष गिनती  भी  इस दिन के आस-पास ही रह सकती है। वही भारत द्वारा निर्मित वैक्सीन की घोषणा भी संभवतः इसी दिन होने की उम्मीद को  ग्रह संकेत कर रहे हैं।           श्री कार्त्तवीर्य नक्षत्र ज्योतिष संस्थान् के संस्थापक आचार्य विनोद शास्त्री के अनुसार पिछले वर्ष 2019 में धनु राशि मे बैठे गुरू,  शनि और  केतु ने महामारी का योग बनाया था।...

इस मूर्ति में आज भी होती है धड़कन (चलती हैं पल्स)

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आज भी धड़कती है श्री कृष्ण यह मूर्ति गुजरात के घरपुर स्थित मंदिर स्वामीनारायण होते हैं इस प्राचीन मूर्ति के दर्शन ब्रज की द्वारदेहरी रस की  नगरी हाथरस। ठाकुर जी की नित्य नई लीला हमें आज भी देखने और सुनने को मिलती हैं। जी हां! हम इस चल रहे कलिकाल की ही बात कर रहे हैं। आइए ले चलते हैं आपको गुजरात के घरपुर की ओर। जहां आज भी सैकड़ो वर्ष पुरानी ठाकुर की पल्स से चलती है।         जो  सांसारिक हैं वह चमत्कार को नमस्कार करते हैं, लेकिन जो भगवान की भक्ति में भावविभोर हो चुके हैं वह जीवन के हर पल को प्रभु का एक चमत्कार ही समझते हैं। अगर हम गुजरात के घरपुर की बात करें तो वहां आज भी एक चमत्कार स्पष्ट दिखाई देता है। चमत्कार का मूल तत्व है सैकड़ों वर्ष पुरानी श्री कृष्णमूर्ति के हाथ में बंधी वह घड़ी, जो आज भी श्रीकृष्ण के मूर्ति को पहनाते ही चल पड़ती है। अर्थात समय बताना आरंभ कर देती है। कहते हैं कि जब इस घड़ी को उतारते हैं तो यह रुक जाती है और जैसे ही श्रृंगार के बाद जब यह घड़ी श्री कृष्ण जी की दिव्य मूर्ति को हाथ में पहनाई जाती है तो यह उनकी पल्सर के माध्यम...

सेना का संहार कर छोड़ देते थे जरासंध को श्रीकृष्ण यह था, 👉 कारण

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17 बार सेना का संहार कर छोड़ा था जरासंध को -क्रोधित श्री बलराम जी को बताया था श्री कृष्ण ने यह करण ब्रज की द्वार देहरी रस की नगरी हाथरस के रुई की मंडी स्थित मंदिर श्री ठा. कन्हैयालाल जी महाराज के दर्शन  ब्रज की द्वार देहरी रस की नगरी हाथरस।* जय जय श्री राधे! जिस प्रकार लोह तत्व को चिम्मकीय तत्व अपनी ओर खींच लेता है उसी प्रकार प्रभु अंशावतारी दुष्टों को किसी न किसी बहाने या कारण से अपनी ओर खींच कल उनका उद्धार कर देते है। अइये पढ़ेंते हैं जरासंध और उसके उद्धार की कथा।           प्रसंगानुसार एक बार भगवान बलभद्र लघु भ्राता कृष्ण पर नाराज हुए। नाराजी का कारण था जरासंध का बार-बार आक्रमण। एक वार की बात है जब कंस के अत्याचार बढ़े और उपयुक्त समय आया तो श्रीकृष्ण और बलराम जी ने उसका अंत कर दिया, लेकिन कंस के बधा की जानकारी होते ही उसका ससुर अति क्रोधित हो उठा। कंस की मृत्यु यानी अपने जमाई का अंत उसको रोक न सका और जरासन्ध ने क्रोधित हो श्री कृष्ण व बलराम को मारने के लिए आक्रामक कर दिया। इस आक्रमण में जरासंध की सारी सेना मारी गई, वह बच कर भाग निकला। इसके बा...

गरुड़ पर सवार गोविंद के दर्शनों से मिलता है लाभ

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जय जय श्री राधे ! 🙏🙏🌹🙏🙏 राधे नाम बोलो सहारा मिलेगा, जीवन में तुमको किनारा मिलेगा। राधे मिले तो श्याम भी मिलेंगा वादा हमारा कृपा भी मिलेगी। यह लाइनें  है हृदय से भजिये यथार्थ मानिए मां राधे की कृपा होगी। आप इस समय वृंदावन के छटीकरा क्षेत्र स्थित  भगवान गरुण गोविंद के दर्शन कर रहे हैं। गरुड़ गोविंद मतलब गरुड़ पर सवार भगवान गोविंद के मनमोहक, आकर्षक व आलौकिक दर्शन जो हमारे नेत्रों  को तो सुख पहुंचाते ही हैं साथ ही हमारे दुष्कर्मओं को नष्ट कर पुण्य कर्मों में बढ़ोतरी करते हैं। यह दर्शन बड़े ही कृपा वालों को मिलते हैं। जो प्रभु की शरण में जाता है, उसको इन दर्शनों का लाभ मिलता है और भक्ति की महान अनुभूति प्राप्त होती है। अक्सर जो भी इस द्वार पर पहुंचा है, उसको यहां के दर्शन अवश्य मिलते हैं। मनोकामनाएं तो सिद्ध होती ही हैं मगर सत विचारों से मांगी गई कामना एं भी पूर्ण होती हैं। जो इस दरबार में पहुंच जाता है वह अपने आप ही अपनी मंजिल को प्राप्त करने के लिए अग्रसारित हो जाता है । बोलिए गरुड़ पर सवार गोविंद की जय, भगवान गरुड़ गोविंद की जय, गरुड़ गोविंद की जय, जय ...

घर का सामान खरीद ने से ही बिजनेस शुरू

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समस्याएं इतनी ताक़तवर नहीं हो सकती जितना हम इन्हें मान लेते हैं, कभी सुना है कि “ अंधेरों ने सुबह ही ना होने दी हो ” नोएडा में डाॅक्टर श्री महेश दिखनवार सहाब प्लान के बाद प्राॅड्क्ट दिखाते हुए  भलाई करते रहिए बहते पानी की तरह, बुराई खुद ही किनारे लग जाएगी कचरे की तरह... वैसे भी आज के समय में किसी रोजी-रोजगार देने से बड़िया और कोई भलाई मैरी नजर में नहीं है और इसके लिए सबसे सरल माध्यम है हर्बलधारा का बिजनेस सिस्टम   क्योंकि इस सिस्टम में *पैसा लगाने की जरूरत नहीं है, ना कोई रिस्क है, ना कोई झंझट है।* नंबर एक का काम है और वह काम है सिकंदराराऊ एक होम ट्रेनिंग मीटिंग के दौरान दिलनवाज कादरी, शाकिर हुसैन, जब्बार भाई व अन्य  अपने घर के जरूरत का सामान खरीदना वह तो हम वैसे भी खरीदते ही हैं, मगर बाजार से खरीदते हैं तो पैसा खर्च होता है और जब हम अपनी दुकान यानी हर्बलधारा स्टोर से खरीदते हैं तो हमको बिजनेस मिलता है। इसलिए मेरी नजर में इससे ज्यादा अच्छी भलाई और नहीं हो सकती है। लोगों को रोजगार देने के लिए अगर आप मेरी बात से सहमत हैं। तो कृपया इस पोस्ट को आगे बढ...

आपकी सोच ही ले जाएगी देश को तरक्की की राह पर

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*सोचते समृद्धि की ओर* आपकी सोच ही देश को ले जाएगी तरक्की की राह पर आइए करें कुछ मंथन   नमस्कार  साथियों! 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 एक बार फिर हम आपसे मुखातिब होते हैं और एक प्रश्न के साथ आपसे चिंतन मनन का दौर शुरू करते हैं। हमारा जो उद्देश्य है, वह है आर्थिक आजादी प्राप्त करना।  प्रश्न है 👉 *क्या है आर्थिक आजादी का मिशन ?* आइए जानते हैं इस प्रश्न का उत्तर। आर्थिक आजादी मसलन दुनिया की 70% से अधिक हर वस्तु  और उपयोग की हर वह चीज आपके पकड़ में हो जिसको आप पहले आसानी से नहीं ले पाते थे। आर्थिक आजादी  यानी जो वस्तु आपको पसंद आए और आप के पास उसको खरीदने के लिए अर्थ यानी पैसा हो और आप उसको खरीद सकें। आर्थिक आजादी का मतलब है आपके घर और परिवार में दुनिया के सभी सुख सुविधाओं की वस्तु या चीजें आपके और आपके परिवार के पास हों अर्थात  आप भी महंगी से महंगी वस्तओं को खरीद सकें। आर्थिक आजादी का मतलब आपके घर में राॅयल इनकम आये।आर्थिक आजादी के मिशन का सफल होना केवल आपको ही नहीं पहुँचायेगा अपितु आर्थिक आजादी से आपके देश और समाज में भी बहुत कुछ परिवर्तन आएंगे। हर घर होगा खुशहाल...