जय भांडीर: जहाँ पड़ी थी राधा-कृष्ण की भांवरें
जहाँ पड़ी थी राधा-कृष्ण की भँवरियां -ब्रह्म जी बने थे पुरोहित -ब्रज बरसाना मंडल की भंवरिया ज्योनार ब्रजद्वार (हाथरस)। जहाँ ब्रह्म जी ने स्वयं राधा-कृष्ण की भाँवरें पड़वाई थी वही स्थान है भांडीर वन। दरअसल ब्रजद्वार से संचालित मासिक ब्रज बरसाना यात्रा बीते रविवार को इस पौराणिक स्थान पर पहुंची तो भक्तों को यहाँ के वैभव की जानकरी हुई। गर्ग संहिता की माने तो यही स्थान भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के दांपत्य के प्रमाण का स्थान है। ऐसा माना जाता है कि इन दोनों के मध्य प्रेम संबंध की नहीं थे बल्कि प्रेम से बढ़कर भी एक नाता था और वह नाता था पति-पत्नी का। इस स्थान के वृक्ष आज भी राधा कृष्ण के प्रेम और मिलन की गवाही देते हैं। गर्ग संहिता के अनुसार इस संदर्भ में यह कथा है कि एक बार नंदराय जी बालक श्री कृष्ण को लेकर भांडीर वन से गुजर रहे थे। उसी समय आचानक देवी राधा प्रकट हुई। देवी राधा के दर्शन पाकर नंदराय जी ने श्री कृष्ण को राधा जी की गोद में दे दिया। श्री कृष्ण बाल रूप त्यागकर किशोर बन गए। बताते हैं कि तभी ब्रह्मा जी भी ...