भक्त वत्सल श्री नृसिंह भगवान प्राकट्य दिवस की बधाई
*भक्तवत्सल श्री नृसिंह भगवान के प्राकट्य दिवस की आपको बहुत-बहुत बधाई* शत्रुओं की समाप्ति और कामयाबी के देवता हैं नृसिंह भगवान आइये जानते हैं नृसिंह कवच के संबंध में। भगवान विष्णु के अवतरणों में नृसिंह अवतार को सर्वाधिक उग्र तथा भयानक माना गया है। विद्वजनों की माने तो नृसिंह भगवान के स्मरण मात्र से ही दुष्टों में भय का संचार होने लग जाता है। विशेषकर प्रेत, पिशाच आदि दुष्ट शक्तियां उनका नाम सुनने मात्र से ही भाग जाती हैं। कई बार कुछ लोगों को प्रेत बाधा हो जाती है तो उनके लिए भी नृसिंह कवच के प्रयोग से बचाया जाता है। प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों की पीड़ा दूर करने के लिए कई प्रकार के उपाय किए जाते हैं परन्तु वे विफल हो जाते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति को नृसिंह कवच का आश्रय लेना चाहिए। इस कवच के एक बार जप करने मात्र से ही व्यक्ति का समस्त भय तथा दुख नष्ट हो जाते हैं। नृसिंह कवच का विधान: किसी शुभ मुहूर्त में स्नान आदि से निवृत्त होकर पीले वस्त्र पहन कर पूजा के आसन पर बैठ कर सर्वप्रथम गणेशजी की वंदना करें। तत्पश्चात् अपने इष्टदेव, गुरु तथा अन्य देवी-देवताओं की स्तुति कर...