Posts

Showing posts from June, 2023

सबसे पहले राधा जी की नानी मुखराई देवी ने किया था चरुर्कुला नृत्य

Image
सबसे पहले राधा जी की नानी मुखराई देवी ने किया था चरुर्कुला नृत्य  - ब्रजद्वार के भक्तों ने लगाई सतोहा बिहारी, कुशल बिहारी, दान बिहारी व अष्ट सखी दरबार में अर्जी हाथरस (ब्रजद्वार)। जब नानी मुखराई देवी को यह जानकारी हुई कि उनकी बिटिया कीर्ति देवी को पुत्री (राधिका जी) की प्राप्ति हुई है तो वह मुखराई गांव में पड़े एक रथ के पहिये पर चारों ओर दीप प्रज्ज्वलित कर नृत्य करने लगीं। बाद में यही नृत्य पूरे विश्व में चरुर्कुला नृत्य के नाम से विश्वविख्यात हुआ।          यह जानकरी ब्रजद्वार हाथरस से पहुंची मासिक ब्रज बरसाना यात्रा के दौरान राधा जी के ननिहाल गांव मुखराई में सेवायुत पंडित जी महाराज ने दी। उन्होंने पूरा पारिवारिक वृतांत इस प्रकार बताया 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻 🌷श्री राधा जी का परिवार🌷 श्री राधा जी के पिताजी श्री वृषभानु जी महाराज थे, माता  श्री कीर्तिदा महारानी (कलावती जी इनका दूसरा नाम था)। भाई श्री दामा सबसे बड़े हैं (और समस्त भाई बहनों में सबसे छोटा एक भाई है जिसका उल्लेख जिव गोस्वामी जी और सूरदास जीने भी कि...

ब्रज की देहरी मे छोटे और बड़े दोनों ठाकुर ने किया नौका विहारण

Image
ब्रज की देहरी मे छोटे और बड़े दोनों ठाकुर ने किया नौका विहारण -दाऊ मंदिर पर कलियों के श्रृंगार व शास्त्रीय संगीत की धून पर झूमे भक्त  -कन्हैयालाल मंदिर पर पुष्प श्रृंगार के साथ गरजते रहे बादल और होती रही बारिश  -देर रात तक भक्तों के सैलाब से सनातन की सतत गंगा वहती रही हाथरस। जेष्ठ की पूर्णिमा को ब्रज की देहरी पर छोटे और बड़े दोनो ठाकुर ने नौका बिहारण किया। कन्हैयालाल ने रुई की मंडी और दाऊ ने किला राजा दयाराम स्थित मंदिर श्री दाऊजी महाराज में।         नौका बिहारण उत्सव का आरंभ दोनों ठाकुरों की मंगला आरती से हुआ। दोनों स्थानों पर जेष्ठा अभिषेक को मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराया गया। संध्याकाल किला राजा दयाराम स्थित पुरातात्विक धरोहर मंदिर श्री दाऊजी महाराज में रेवतीरमण के कलियों मनोरम व आलौकिक श्रृंगार सजाये गये। साथ ही बड़े ठाकुर दाऊ ने नौका  बिहारण किया। इस अवसर पर सेवायत पवन चतुर्वेदी, गोवर्धननाथ चतुर्वेदी, संजीव पंडित, बीपी ओझा, विशाल सारस्वत,  योगा पंडित, अशोक गोला, कन्हैयालाल राजपूत के अलाव दर्जनों भक्तजन का सहयोग रहा ...