3200 से भी अधिक गांवों और शहरों में निकाली जाती हैं प्रभात फेरियां
55 हजार से अधिक गौवंश की सेवा होती है माता जी गौशाला में 5253 हेक्टेयर भूभाग को संरक्षित किया जा सका बाबा महाराज के संघर्ष से ब्रज द्वार हाथरस । खनन का ग्रास बनने जा रहे उन धर्म स्थलों को आज नवयौवन मिला तो उसके पीछे भी बाबा महाराज के संघर्ष के दर्शन होते हैं। सनातन के सत्य रूपी ब्रज की आज अगर पौराणिकता ब्रज में जीवन है तो इसके पीछे बाबा महाराज का एक बहुत बड़ा संघर्ष है। यह उन दिनों की बात है जब खनन माफिया अपने तुक्ष्य लाभ के लिये पौराणिकता की महान विरासत को नष्ट करने में लगे थे। उन दिनों ब्रज के धार्मिक महत्व के पर्वतों का जम कर खनन कार्य हो रहा था। जिससे कृष्ण कालीन स्थलियाँ लुप्त हो रही थीं। बाबा महाराज ने इन्हें बचाने के लिए अपना अदम्य संघर्ष आरंभ किया। यह कोई मामूली संघर्ष नहीं था। बहुत कड़े संघर्ष के बाद 5253 हेक्टेयर भू भाग को आरक्षित घोषित कराया जा सका। बाबा महाराज ने राधाकृष्ण की प्रिय गऊ माता के लिये भी प्रयास जारी रगे। ब्रज में गायों की दुर्दशा को देखकर बाबा महाराज के प्रयासों से ही ...