कृष्ण की पटरानी, यम व शनिदेव की बहन का जन्मोत्सव
कृष्ण की पटरानी, यम व शनि की बहन के जन्मोत्सव की जय -आजके दिन यमुना स्नान न हो सके तो जल में कले तिल डाल कर करें स्नान दीपावली के बाद भाईदूज को यमुना स्नान का विशेष महत्व ब्रज द्वार (हाथरस)। जिनके विषय में हम बात कर रहे हैं वह भगवान श्रीकृष्ण की पटरानियों में से एक हैं। जिनका हम कल यानी 27 मार्च 23 सोमवार को जन्मोत्सव मनाने जा रहे हैं। इनके एक भ्राता यमराज हैं तो दूसरे दंड के देवता श्री शनिदेव हैं। जबकि पूरे जगत को जो प्रकाशित करते हैं ऐसे सूर्यदेव उनके पिता हैं। बताते हैं, स्वयं यमदूतों को टारनहारी माँ यमुना जी चैत्रीय शुक्लपक्ष की छट को इस धरा पर अवतरित हुई थी। द्वापर युग की फिर से एक बार यमुना जन्मोत्सव पर फुहार उड़ेगी और पूरे ब्रज में 23 मार्च को यमुना जन्मोत्सव मनाया जायेगा। *यमुना यमदूतन टारत हैं, भव तारत हैं श्री राधिका रानी।* विद्वजन कहते हैं कि यमुना मैया की उपासना से मृत्यु के उपरांत यमदूतों का भय सर्वथा खत्म हो जाता है। जबकि माँ राधेरानी की भक्ति करने वाला भवसागर से पार हो बैकुंठ का अधिकारी हो जाता है। धर्मग्रंथो...