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Showing posts from April, 2023

राधा जी के दादा थे महिभानु जी महाराज, यह लोग थे परिवार में

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श्री राधा जी के दादा थे महिभानुजी और दादी थी सुखदा -परिवार और ननिहाल में थे यह संबंधी ब्रजद्वार। श्री राधा नाम की महिमा को या दोहा में बहुतई मार्मिक ढंग सों व्यक्त कियो गयो है। 'राधा राधा रटत ही सब व्याधा कट जाय। कोटि जन्म की आपदा नाम लेत मिट जाय।।''         राधा स्वयं कृष्ण प्रेम की पराकाष्टा है। अर्थात जो कृष्ण नाम से न होवे वह राधा नाम रटन से हेजावे है। श्री राधिका रानी का प्राकट्य ब्रज के रावल गांव में एक कमल पुष्प पर भयो हो। माँ कीर्ति जी जब यमुना स्नान कों गई हती तौ उन्हे एक पुष्प पर अपार प्रकास्य की अनुभूति भाई ही। पास जाकर देखो तो एक अतीव सुंदरी बच्ची के दर्शन भये। भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय राधारानी का जन्मदिन भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाते हैं। इस दिन को राधाष्टमी के रूप में मनाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन यानी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के बाद 15वें दिन राधाष्टमी का उत्सव मनाया जाता है। इस वर्ष राधाष्टमी 23 सितंबर 2023 दिन शनिवार को मनाया जायेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राधा जी श्रीकृष्ण से 11 माह बड़ी थीं। राधा...

कालिया ने जैंत में पीछे देख और पत्थर का हो गया

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जैंत में देखा था कालिया ने पीछे मुड़कर, वहीं हो गया था पत्थर का -बरसाना यात्र भी पहुंचे की 16 अप्रैल रविवार को वहीं दर्शनों के लिए ब्रजद्वार (हाथरस)। जिस कालिया नाग के फन पर चराचर जगत के स्वामी श्री बालकृष्ण ने नृत्य किया था और भगवान के भय भागे कालिया नाग ने जेंत गांव में पीछे मुड़कर देखा था। बस यहीं पर शाप बस कालिया पत्थर का हो गया था।         पौराणिक गाथाओं का गहन अध्ययन करें तो ज्ञान के मर्म की मार्मिकता के दर्शन होते हैं। बात द्वारपर युगीन है। बताते हैं, गरुड़ जी के भय और कंस के आदेश कर्म के बषीभूत हो कालिया नाग मथुरा नगरी के पास से वहने वाली देव नदी यमुना में आकर छिपगया था। पौराणिक वृतांत के अनुसार एक बार लीला करते हुए बालकृष्ण यमुना नदी के तट पर पहुंच गये और अपने बाल सखाओं के साथ गेंदतड़ी खेलने लगे। बताते हैं, उन्हें तो लीला करनी थी। सो टोल मारा और गेंद को पहुंचा दिया यमुना नदी में। देखते ही देखते श्री बालकृष्ण भी गेंद के लिए यमुना नदी में कूद गये। जहाँ कालिया नाग से श्री बालकृष्ण का युद्ध हुआ और वह पराजय को प्राप्त हुआ। श्री बालकृष्ण उस...