राधा जी की सबसे छोटी सखी थीं सुदेवी जी, ब्रजद्वार हाथरस के भक्तजन पहुँचे शरण में
ब्रज बरसाना यात्रा मंडल की चौरासी कोस यात्रा पहुँची सुनहरा गांव, हुआ भजन-कीर्तन
ब्रजद्वार हाथरस। प्रथम चौरासी कोस यात्रा के तृतीय चरण में ब्रजद्वार हाथरस से भक्तजन गांव सुनहरा स्थित सुदेवी सखी मंदिर पहुँचे। जहाँ भजन-कीर्तन और फूलों की होली हुई।
21 फरवरी 2021 रविवार बरसाने से पांच किमी दूर सुनहरा गांव पहुँचे। जहाँ पर *नंद गांव कौ कुंवर कन्हैया बरसाने की छोरी खेलें होरी* आदि भक्ति गीतों पर भक्त जमकर झूमें। वहाँ पर मौजूद महाराज जी ने बताया कि सुदेवी राधा जी सबसे छोटी सखी थी। सुदेवी जी इतना अच्छा सितार बजाती थीं कि भगवान कृष्ण ने उन्हें अपनी नित्य लीलाओं में वाम स्थान दिया था।
उन्होंने बताया कि बरसाना को आदि वृंदावन कहा जाता है। अष्ट दल कमल की संकल्पना में कमल के मध्यभाग में राधारानी का स्थान है। कमल के आठ दलों के रूप में उनकी अष्ट सखिया विराजमान हैं। इसी तरह कमल के मध्य भाग में बरसाना है और इसके चारों ओर अष्ट सखियों के गाव मौजूद हैं। राधा की सबसे छोटी और प्रिय सखी सुदेवी का गांव सुनहरा वर्तमान में भरतपुर जिले में है। जिस की करीब 1800 की आबादी बताई जाती है। बताया जाता है कि सुनहरा गांव में सुदेवी जी के मंदिर का निर्माण चौदहवीं शताब्दी में रीवा के शासक किशन देवजूं ने कराया था। रीवा नरेश ने अष्ट सखियों के हर गाव में मंदिर बनवाए। सुदेवी का मंदिर इतना विशाल था कि छह कोस दूरी पर स्थित छाता से भी इसकी रोशनी दिखाई देती थी। इब्राहिम लोदी को इसकी ख्याति सहन नहीं हुई थी। उस समय इस समेत ब्रज के तमाम मंदिरों को तोड़ा गया था। इसके बाद पुनः श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर का निर्माण कराया गया।
यात्रा में खास कर शिक्षाविद कैलाशचंद्र वार्ष्णेय, प्रदीप अग्रवाल, अशीष जैन, पंकज वार्ष्णेय, विकास अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण, अलका शर्मा, दिनेश शर्मा, आशा शर्मा, रमेशचन्द्र अग्रवाल, मदनमोहन वार्ष्णेय व संजय दीक्षित एडवोकेट आदि सेवा व्यवस्था में खासतौर से लगे रहे।
बालकृष्ण ब्रजद्वारी
Jai jai shree radhe krishna
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ReplyDeleteGood morning
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