ललिता और विशाख की शरण में पहुंचते ब्रजद्वार के भक्त

राधा रस में रंगे ब्रजद्वार के भक्त विशाखा जी के दरबार
-ललिता, तुगं विद्या, दानबिहारी, कुशलबिहारी, देह कुंड के भी किये दर्शन 
ब्रजद्वार हाथरस। ब्रज के द्वारा देहरी हाथरस के भक्तजनों ने  इस बार  ब्रज चौरासी कोस यात्रा के  पड़ाव में  ब्रज के कमाई गांव स्थित विशाखा जी के दरबार पहुंचे और अपनी अर्जी लगाई।
         ब्रज द्वार हाथरस के बरसाना मंडल के तत्वावधान में इन दिनों ब्रज चौरासी कोस यात्रा का क्रम चल रहा है। इस बार प्रभात फेरी के बाद सभी भक्तों ने सादाबाद गेट स्थित बूटीनाथ मंदिर से बसों द्वारा ब्रज में प्रवेश किया। ब्रज के गांव कमई स्थित विशाखा सखी के दरबार पहुंचे भक्तों ने 

जमकर भजन कीर्तन किया। साथ ही विशाखा जी के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। यहां पर भगवान की लीला में सीधे हाथ की तरफ विशाखा  व सुदेवी देवी व उल्टे हाथ की तरफ रंग देवी व इंदुलेखा की सेवा के दर्शन हैं। विशाखा जी का दूसरा नाम अनुराधा भी है। इससे पूर्व यात्रा ऊंचा गांव स्थित ललिता सखी पर पहुंची थी। जहां पर ललिता जी के दर्शन के साथ-साथ देह बिहारी के दर्शन किए और देवकुंड  से 
आचमन लिया इसके बाद गहवरवन में  राधा रस मंदिर, दान बिहारी जी, कुशल बिहारी जी, तुंग विद्या के अलावा बरसाना स्थित अष्ट सखी मंदिर के भी दर्शन किए। देर रात बूटीनाथ मंदिर पर पहुंच कर यात्रा ने विश्राम लिया।
          यात्रा में प्रमुख रूप से शिक्षाविद कैलाशचंद्र वार्ष्णेय, आशीष जैन, आशा शर्मा, प्रदीप अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण।, पंकज  गुप्ता, विकास अग्रवाल, रोचक जैन, मनमोहन, सचिन, मुकेश शर्मा, संदीप माहेश्वरी, गुड्डी देवी, शिवानी, आरती शर्मा, बीना वार्ष्णेय, सुनीता, शिवा, संजय दीक्षित, महेश अग्रवाल आदि दर्जनों भक्तजन ने राधा रस नाम का आनंद प्राप्त किया।

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

सूर्य पुत्री सुवर्चला के पति हैं हनुमान, सूर्य ने पुत्री सुवर्चला की शादी की थी हनुमान से

बाबा महाराज के संघर्ष ने दिया ब्रज को फिर से पौराणिक स्वरूप

जन्म जयंती पर विशेष: यूपी सरकार ने आरंभ की राजा महेंद्र प्रताप यूनिवर्सिटी