ब्रज की पटरानी श्री राधिका रानी और उनकी अष्ट सखियाँ

आइये जानते हैं अष्ट सखियों का परिचय 
ब्रजद्वार हाथरस। माँ आराध्या भक्तों के भय को हरने वाली राधिका रानी महारास की अधिष्ठात्री देवी हैं। जबकि उनकी अष्ट सखियाँ महारास का अभिन्न अंग है। सभी सखियों की अलग-अलग सेवायें नियत है।
          आइये जानते हैं महारास की आराध्या और सभी सखियों के विषय में परिचय। भाद्रपद शुक्ल पक्ष में श्री  जी (राधा रानी) व अष्ट गोपियों के आविर्भाव तिथियों के विषय में जो जनकारी हुई है, उसे जानते हैं। श्रीजी (राधा रानी जी):- पिता- ऋषभानु जी गोप व माता- किर्तिदा देवी तथा गावं- बरसना। जबकि उनके जन्म के विषय में बताया गया है भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी। जिसे अब राधाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है।
          अष्ट सखियों में से एक हैं ललिता सखी। जिनके पिता का नाम है महाभानु गोप और माता का नाम- शारदी। निवास स्थान है ऊँचागांव और जन्म बताया जाता है- भाद्रपद, शुक्ल पक्ष, षष्ठी। विशाखा सखी भी प्रमुख सखियों में आती हैं। जिनके पिता का नाम है बताया गया है सुभानु गोप और माता- देवदानी। जबकि गांव है ऑजनोख (अंजन वन)। इनके  जन्म के विषय में भाद्रपद, शुक्ल पक्ष की नवमी को बताया जाता है। प्रमुख सखियों में से ही हैं इन्दूलेखा सखी।उनके पिता का नाम रणधीर गोप व
    माता का नाम सुमुखी बताया गया है। जबकि गांव- रांकोली (रंकपूर) और जन्म- भाद्रपद, शुक्ल पक्ष,    
 एकादशी को बताया जाता है। अष्ट सखियों में से ही है चंपकलता सखी।पिता- मनुभूप व माता- सुकंठी बताया  गया है और जन्म स्थान गांव- करहला (करह वन) बताते है। इनका जन्म- भाद्रपद, शुक्ल पक्ष, सप्तमी को बताया जाता है। चित्रलेखा (चित्रा) सखी के पिता- ब्रजोदर गोप व माता- अवन्तिका गांव- चिकसोली बताया गया है। जबकि जन्मके विषय में कहा जाता है कि इनका जन्म भाद्रपद, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि को हुआ था। छठवीं सखी के रूप में तुंगविध्या सखी का प्रसंग आता है।  इनके पिता का नाम अंगद गोप व माता-ब्रह्मकर्णी और गांव- कमाई बताते हैं। इनके जन्म के संबंध में भाद्रपद, शुक्ल पक्ष, पंचमी की तिथि बताई जाती है। अष्रंट सखियों में एक हैं रंगदेवी सखी। पिता का नाम वीरभानु गोप व माता का नाम सुर्यवती और गांव- डभारा बताया जाता है। जबकि 
 जन्म- भाद्रपद, शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि बताई जाती है। 
अष्ट सखियों में से सबसे छोटी सखी बताई जाती है सुदेवी सखी। जिनके पिता का नाम गौरभानु गोप व माता का नाम कलावती बताया गया है। जबकि गांव- सुनहरा और जन्म- भाद्रपद, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी तिथि को बताया जाता है।

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