शब्द बदलो तो सोच बदलेगी-सोच बदलेगी तो संसार बदल जायेगा
शब्द बदलो तो सोच बदलेगी
-सोच बदलेगी तो संसार बदल जायेगा
ब्रजद्वार सनातन परिषद। 2080 में इंडिया से पुन: भारत की ओर चलने वाली यात्रा को अब गति की देने की आवश्यकता है। सोची समझी साजिश को संस्कारों में पुरोने का वक्त आ गया है। इसके लिए हमें अपने आप में सोच को बदलने की आवश्यकता है। वाणी के साथ-साथ शब्दों बदलना होगा। डेली व पापा के स्थान पर पिताजी कहना होगा।
अगर गलती होती है तो साॅरी हटा क्षमा मांगनी होगी। बर्थडे तो कतई नहीं मनाना है। जन्मोत्सव पर जम कर दीप जलाने की आवश्यकता है। मोबाइल पर घंटी बजे हलो नहीं
संबोधन जय श्री राधे या जय सियाराम से होना चाहिए। नाश्ता से वास्ता खत्म कर पुन: बाल भोग पाना होगा। डिनर को मारो गोली प्रसादी का भोग लगाना होगा। जब सनातन के संस्कार जागेंगे और फिर से उद्भव होगा भारती संस्कृति
का तो हर घर-परिवार में श्रवण कुमार, श्रीकृष्ण और श्री राम सरी की संताने जन्मेंगी तो हर घर में बुजुर्गों की पूजा होगी और लार्ड मैकाॅले के वृद्धाश्रम खाली हो जायेंगे। तब उदय होगा धर्म के पालन का और भारत फिर से विश्व गुरु होगा।
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